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Rosra News: एसडीओ संदीप कुमार के तबादले से मायूस हुआ रोसड़ा, दूर-दराज से मिलने पहुंच रहे लोग

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | रोसड़ा अनुमंडल पदाधिकारी संदीप कुमार के तबादले की खबर से क्षेत्र के लोगों में मायूसी है। दूर-दराज से लोग उनके आवास पहुंचकर मुलाकात कर रहे हैं और कार्यकाल को याद कर रहे हैं।

रोसड़ा, 30 अगस्त। रोसड़ा अनुमंडल पदाधिकारी संदीप कुमार के तबादले की खबर सामने आते ही अनुमंडल क्षेत्र के लोगों में मायूसी का माहौल है। एक ऐसे पदाधिकारी के तबादले से लोग निराश हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आम लोगों के बीच सहज उपलब्धता और बेहतर प्रशासनिक व्यवहार की पहचान बनाई। तबादले की जानकारी मिलते ही रविवार सुबह से ही दूर-दराज के इलाकों से लोग उनके अनुमंडल पदाधिकारी आवास पहुंचने लगे और उनसे मुलाकात कर भावनाएं व्यक्त करते रहे।

लोगों का कहना है कि संदीप कुमार का कार्यकाल अभी तीन वर्ष भी पूरा नहीं कर पाया था। ऐसे में उनका तबादला क्षेत्र के लिए खासा निराशाजनक है। सुबह से आवास पर पहुंच रहे लोगों में आम नागरिकों के साथ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग भी शामिल रहे। कई लोगों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर विदाई दी और उनके कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग को याद किया।

पदाधिकारी से मिलने के लिए सुबह से लगी रही लोगों की आवाजाही

तबादले की खबर फैलते ही लोगों का अनुमंडल पदाधिकारी आवास की ओर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कोई उनसे मुलाकात कर अपनी भावनाएं साझा करने पहुंचा तो कोई सिर्फ एक बार मिलकर विदाई देने को आतुर दिखा।

दूर-दराज से पहुंचे लोगों का कहना था कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए किसी अधिकारी का आम लोगों के बीच इस तरह अपनापन बन जाना अपने आप में महत्वपूर्ण बात है। लोगों ने कहा कि संदीप कुमार से मिलने के लिए उन्हें किसी विशेष माध्यम की जरूरत महसूस नहीं होती थी।

तीन साल पूरे होने से पहले तबादले से निराशा

क्षेत्र के लोगों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि संदीप कुमार अभी अनुमंडल में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा भी नहीं कर पाए थे। इतने कम समय में तबादले की खबर ने लोगों को हैरान करने के साथ-साथ भावुक भी किया है।

लोगों का कहना है कि अच्छे और संवेदनशील अधिकारी का लंबे समय तक क्षेत्र में रहना प्रशासन और जनता दोनों के हित में होता है। यही वजह है कि तबादले की खबर के बाद लोग इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में स्वीकार करने के बावजूद अपनी मायूसी छिपा नहीं पा रहे हैं।

आम लोगों के बीच बनी थी अलग पहचान

संदीप कुमार के कार्यकाल को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उनकी कार्यशैली में आम जनता की समस्याओं को सुनने और उन्हें गंभीरता से लेने की प्रवृत्ति दिखाई देती थी। अनुमंडल मुख्यालय आने वाले लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता था।

लोगों के अनुसार किसी प्रशासनिक अधिकारी की असली पहचान केवल सरकारी आदेशों के पालन से नहीं बल्कि आम नागरिकों के साथ उसके व्यवहार से भी बनती है। संदीप कुमार के मामले में लोगों को यही सहजता और व्यवहार पसंद आया।

आवास पर पहुंचकर लोगों ने साझा की भावनाएं

रविवार सुबह से उनके आवास पर पहुंचे लोगों ने उनसे मुलाकात की। कई लोगों ने उनके साथ बिताए समय और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं।

मुलाकात के दौरान लोगों के चेहरे पर खुशी के साथ भावुकता भी नजर आई। लोगों का कहना था कि अधिकारी का तबादला सरकारी सेवा का हिस्सा है, लेकिन किसी अधिकारी से आत्मीय जुड़ाव हो जाने के बाद विदाई का क्षण आम लोगों के लिए भी भावुक हो जाता है।

लोगों ने कहा- ऐसे अधिकारी का जाना दुखद

क्षेत्र के लोगों ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में तबादले होते रहते हैं और अधिकारी अपने निर्धारित दायित्व के तहत अलग-अलग स्थानों पर सेवा देते हैं। इसके बावजूद जब कोई अधिकारी जनता के बीच अपनी अलग पहचान बना लेता है तो उसके जाने का दुख स्वाभाविक है।

लोगों का कहना था कि संदीप कुमार ने रोसड़ा अनुमंडल में जो छाप छोड़ी है, उसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। यही वजह है कि तबादले की खबर मिलते ही लोग उनसे अंतिम मुलाकात और शुभकामनाएं देने के लिए पहुंच रहे हैं।

विदाई के बीच नए अधिकारी से भी लोगों को उम्मीद

संदीप कुमार के तबादले के बाद अब अनुमंडल क्षेत्र के लोगों की नजर नए पदाधिकारी पर है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले अधिकारी भी आम जनता की समस्याओं को उसी संवेदनशीलता के साथ सुनेंगे और प्रशासन तथा जनता के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखेंगे।

हालांकि फिलहाल लोगों के बीच चर्चा का केंद्र संदीप कुमार ही बने हुए हैं। उनके आवास पर पहुंच रहे लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं और उनके नए दायित्व के लिए सफलता की कामना कर रहे हैं।

रोसड़ा के लोगों की भावनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि किसी प्रशासनिक अधिकारी की लोकप्रियता केवल उसके पद से नहीं बल्कि जनता के साथ उसके व्यवहार और कार्यशैली से तय होती है। संदीप कुमार के तबादले के बाद अनुमंडल क्षेत्र में दिखाई दे रही मायूसी इसी जनभावना की तस्वीर पेश कर रही है।

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विशेष टिप्पणी

किसी अधिकारी का तबादला प्रशासनिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है, लेकिन हर तबादला जनता के लिए सामान्य नहीं होता। जब कोई पदाधिकारी अपने व्यवहार, उपलब्धता और काम करने के तरीके से लोगों के बीच भरोसा कायम कर लेता है, तब उसके स्थानांतरण की खबर आम लोगों को भी प्रभावित करती है।

रोसड़ा के लोगों की सुबह-सुबह उनके आवास तक पहुंचने की तस्वीर इसी भरोसे और आत्मीयता को दर्शाती है। यह किसी अधिकारी के प्रति व्यक्तिगत प्रशंसा से आगे बढ़कर प्रशासन और जनता के बीच बने संबंध का संकेत भी माना जा सकता है।

संदीप कुमार अभी तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सके, ऐसे में उनके तबादले को लेकर लोगों में निराशा होना स्वाभाविक है। हालांकि तबादला सरकारी सेवा की प्रक्रिया है और नए पदाधिकारी से भी क्षेत्र की जनता को बेहतर काम की उम्मीद रहेगी।

संदीप कुमार के लिए यह विदाई भले ही रोसड़ा से हो रही हो, लेकिन लोगों की ओर से मिल रहा सम्मान इस बात का संकेत है कि उनका कार्यकाल यहां के लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक बना रहेगा।

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